ईरान की परमाणु वार्ताकार टीम के सदस्य मजीद तख़्त रवानची ने कहा है कि देश पर लगे प्रतिबंधों का चरणबद्ध ढंग से समापन, ईरान के लिए स्वीकार्य नहीं है और पश्चिम को समस्त प्रतिबंध एक साथ समाप्त करने होंगे।
उन्होंने यूरोप की ओर से प्रतिबंधों के समापन की शैली के बारे में कहा कि जेनेवा समझौते में होने वाली वार्ता का आधार, प्रतिबंधों का समापन ही था और इस समझौते में प्रतिबंधों के समापन का शब्द प्रयोग किया गया है और हम इससे कम किसी भी चीज़ पर तैयार नहीं होंगे।
उप विदेशमंत्री और परमाणु वार्ताकार ने पश्चिम की विस्तारवादी नीतियों की आलोचना करते हुए उनको सुझाव दिया कि यदि यूरोप वास्तव में वार्ता चाहता है और कोई फ़ैसला किया जाना तय है तो उसे बहाने छोड़ने होंगे और ईरान के अधिकार को स्वीकार करना होगा। उनका कहना था कि ईरान वार्ता की समयावधि में विस्तार का इच्छुक नहीं है और निर्धारित समय सीमा में वांछित परिणामों की प्राप्ति चाहता है। उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी इस बात पर तैयार नहीं होगा कि उसे दिखावे का यूरेनियम संवर्धन का अधिकार दिया जाए, यह कल्पना योग्य ही नहीं है कि आप एक यूरेनियम संवर्धन के दिखावे के कार्यक्रम द्वारा एक लाख नब्बे हज़ार एसडब्ल्यूओ तक पहुंच जाएं।
मजीद तख़्ते रवानची ने इस बात पर बल देते हुए कि ईरान में यूरेनियम संवर्धन की वास्तविकता की अनदेखी नहीं की जा सकती, कहा कि हम अब तक कुछ सीमा तक यूरेनियम का संवर्धन कर रहे हैं और इससे कम या इससे हटकर मात्रा हमारे निकट अस्वीकार्य है।
28 अक्टूबर 2014 - 19:52
समाचार कोड: 647552
ईरान की परमाणु वार्ताकार टीम के सदस्य मजीद तख़्त रवानची ने कहा है कि देश पर लगे प्रतिबंधों का चरणबद्ध ढंग से समापन, ईरान के लिए स्वीकार्य नहीं है और पश्चिम को समस्त प्रतिबंध एक साथ समाप्त करने होंगे।